भोपाल
मध्यप्रदेश के नीमच और मंदसौर जिले में स्थित गांधी सागर अभ्यारण्य में चीतों का नया घर तैयार हो गया है। जो कूनो नेशनल पार्क के बाद चीतों का दूसरा महत्वपूर्ण आवास होगा। हाल ही में कान्हा नेशनल पार्क से 18 नर और 10 मादा चीतल लाये गये है, जिन्हें गांधी सागर अभयारण्य के बाड़े में छोड़ा गया।
इस विशेष परियोजना का श्रेय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को जाता है, जिन्होंने वन्य-जीव संरक्षण में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उनकी पहल से चीतों के पुनर्स्थापना योजना को गति मिली है। गांधी अभयारण्य में 400 से अधिक चित्तीदार हिरण पहले से ही छोड़े जा चुके है, जो स्थानीय परिस्थितिकी को मजबूत करेंगे।
इस पहल से पर्यटन पर भी सकरात्मक प्रभाव पड़ेगा। गांधी सागर अभयारण्य और इसके आसपास के क्षेत्रों में ईको-टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा। जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था का विकास होगा। चीतों और अन्य वन्य-जीवों के प्रति पर्यटकों का आकर्षण का केन्द्र रहेगा।

More Stories
भोपाल में सिर्फ 140 वकील अधिकृत नोटरी, फिर हजारों दफ्तरों में कैसे चल रहा फर्जीवाड़ा?
MP में 5 साल में सबसे कम बारिश, आधा प्रदेश सूखे की चपेट में; गेहूं-सोयाबीन उत्पादन पर असर
MP Rail Project: आजादी के बाद पहली बार धार पहुंचेगी यात्री ट्रेन, 28-29 अक्टूबर को CRS निरीक्षण