भोपाल
गांधी परिवार की तीन पीढ़ियों के साथ लंबी राजनीतिक पारी खेलने वाले पूर्व केंद्रीय मंत्री और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ की कांग्रेस हाईकमान केंद्रीय राजनीति में वापसी करवाने जा रहा है। मध्य प्रदेश के विधानसभा और लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को मिली पराजय के बाद से राज्य और केंद्र के राजनीतिक परिदृश्य से कमलनाथ ओझल से हैं। पहले उनके भाजपा में शामिल होने की अटकलें और फिर छिंदवाड़ा लोकसभा सीट भी हारने के बाद से कमलनाथ हाशिये पर हैं। पार्टी ने उन्हें मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के पद से भी हटा दिया था। कांग्रेस सूत्र बता रहे हैं कि कमलनाथ को पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी की कोर टीम में तो जगह नहीं मिलेगी, लेकिन संगठन में उन्हें अनुशासन समिति का अध्यक्ष या ऐसा ही कोई पद दिया जा सकता है, ताकि उनके सम्मान और वरिष्ठता दोनों में समन्वय बना रहे।
मल्लिकार्जुन खरगे की टीम होंगे शामिल
कमलनाथ राष्ट्रीय महासचिव सहित पार्टी के कई पदों पर रह चुके हैं। अब संभावना है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की टीम में नए चेहरे शामिल हों, इसलिए भी कमलनाथ के लिए संगठन में ऐसा कोई पद देखा जा रहा है, जिसकी बदौलत वह किसी राज्य में जाएं तो पार्टी प्रोटोकॉल मिल सके। सूत्रों के अनुसार कमलनाथ को प्रबंधन में विशेषज्ञ माना जाता है, इसलिए उनके लिए चुनाव प्रबंधन समिति या इससे ही जुड़ा कोई पद दिए जाने पर विचार चल रहा है। कांग्रेस नेतृत्व से जुड़े नेता कहते हैं कि कमलनाथ का संपर्क सभी बड़े लोगों के साथ है। उन्हें कोषाध्यक्ष बनाए जाने के मुद्दे पर भी चर्चा चली थी, लेकिन इस पद पर कुछ ही समय पहले अजय माकन को नियुक्त किया जा चुका है। पार्टी उन्हें हटाने का जोखिम उठाना नहीं चाहती। एक कयास यह भी है कि कमल नाथ को पार्टी के लिए फंड जुटाने का काम दिया जा सकता है।
अभी सिर्फ छिंदवाड़ा तक सीमित हो गए कमलनाथ
कुछ दिनों पहले राहुल गांधी और कमलनाथ के बीच हुई मुलाकात के बाद से ही कयास लगाए जा रहे थे कि पार्टी की सक्रिय राजनीति में उनकी वापसी हो सकती है। अब यह राय बनी है कि उन्हें मुख्यधारा में लाने के बजाय ऐसा पद दे दिया जाए, जिससे उनका सम्मान और वरिष्ठता बनी रहे।

More Stories
300 दिवस के प्रावधान के तहत बच्चों और माताओं को पूरक पोषण आहार उपलब्ध, अगस्त के प्रथम सप्ताह से नई टीएचआर व्यवस्था लागू
नवीन श्रम संहिताओं से नियोक्ता और कर्मचारियों के अधिकारों एवं संबंधों को मिलेगा बेहतर आधार : सचिव श्रम राजेन्द्रन
गुणवत्तापूर्ण शिक्षण की मिसाल बनीं शिक्षिका आकांक्षा राजोरिया